हॉल ही में चीन द्वारा फि़तियन-2 (Feitian-2) Hypersonic Missile का सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण चीन की तकनीकी ताकत का एशिया एवं पश्चिमी देशों के लिए सामरिक चुनौती का स्‍पष्‍ट संदेश है कि हाइपरसोनिक युद्ध तकनीक ही भविष्‍य में निर्याणक भूमिका निभाएगी। फि़तियन-2 (Feitian-2) Hypersonic Missile की बात करे तो यह Feitian-1 का एक उन्‍नत संस्‍करण है, केरोसिन और हाईड्रोजन पेरोक्‍साइड के हाइब्रिड ईधन पर चलता है जो रॉकेट आधारित Combined Cycle Engine का उपयोग करता है।

फि़तियन-2 (Feitian-2) हाइपरसोनिक मिसाइल के मुख्‍य विशेताऍ :

  1. यह हाइपरसोनिक मिसाइल Mach 5 से अधिक की गति प्राप्‍त सकती है और उड़ान के दौरान स्‍वतंत्र रूप से अपनी Flight Path बदल सकती है।
  2. यह एक Winged Hypersonic Glide Vehicles है जो ऊंचाई में पहुचने के बाद ग्‍लाइड करते हुए लक्ष्‍य की ओर तेजी से बढ़ती है।
  3. यह एक High Maneuverability हाइपरसोनिक मिसाइल है जिसका मार्ग पूर्व निर्धारित नहीं होता है यह रास्‍ते में अपनी दिशा बदल सकती है, जिससे इस मिसाइल को रडार में ट्रैक करना कठिन है।
  4. यह हाइपरसोनिक मिसाइल पारंपरिक क्रायोजेनिक ईधन के बजाय केरोसिन और हाईड्रोजन पेरोक्‍साइड के हाइब्रिड ईधन पर चलता है साथ ही वायुमंडलीय ऑक्‍सीजन का उपयोग करती है, जिससे ऑनबोर्ड ऑक्‍सीडाइजर की आवश्‍यकता कम होती है और ईधन दक्षता बढ़ती है।

क्‍या फि़तियन-2 (Feitian-2) भारत के लिए चुनौती है ?

हॉ यह निश्चित रूप से भारत सहित पूरे क्षेत्र के लिए समारिक चुनौती है। भारत और चीन के बीच LAC पर तनाव के देखते हुए, यह हाइपरसोनिक मिसाइल भविष्‍य के युद्ध के परिदृश्‍यों को बदल सकती  है क्‍योंकि पारंपरिक रक्षा प्रणालियों के लिए हाइपरसोनिक मिसाइल एक गंभीर चुनौती पेश करती है, इन मिसाइलों की अत्‍यधिक गति, नवीन एआई अधारित तकनीक, कम ऊंचाई में उड़ने की क्षमता, इन्‍हें रडार सिस्‍टम पर ट्रैक करना और रोकना बेहद मुश्किल बना देता है। चीन पहले ही हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्‍टम जैसे DF-17 में अग्रणी है, जिसे भारतीय एयर डिफेंस सिस्‍टम की पारंपरिक मिसाइले जैसे S-400 के लिए हाइपरसोनिक हमलों को रोकना और इनसे निपटना कठिन हो सकता है।

क्‍या भारत को भी हाइपरसोनिक मिसाइलों का परीक्षण करना चाहिए ?

भारत पहले से ही हाइपरसोनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के विकास की दिशा में महत्‍वपूर्ण प्रगति कर रहा है, साथ ही भारत भी उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिन्‍हें हाइपरसोनिक तकनीकी में महारत हासिल है। भारत K-6 हाइपरसोनिक इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का भी विकास कर है, इसके अलावा DRDO द्वारा HSTDV (Hypersonic Technology Demonstrator Vehicle), Shaurya Missile और ब्राम्‍होस-2 जैसे हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल पर कार्य कर रहा है ।